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07 Feb, 2026

एम्स भोपाल में जटिल माइक्रोसर्जरी से लकवाग्रस्त हाथ में लौटी हरकत

मरीज का हाथ पूरी तरह लकवाग्रस्त हो चुका था और वह दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों को करने में भी असमर्थ था। एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सक टीम ने अत्यधिक सूक्ष्मता और तकनीकी दक्षता के साथ यह जटिल सर्जरी की।

एम्स भोपाल ने रचा चिकित्सा इतिहास, मध्य प्रदेश में पहली बार जटिल माइक्रोसर्जरी से लकवाग्रस्त हाथ में लौटी हरकत

‘फ्री फंक्शनिंग मसल ट्रांसफर’ सर्जरी से 55 वर्षीय मरीज की कोहनी की गति सफलतापूर्वक बहालराजधानी स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए मध्य प्रदेश में पहली बार अत्यंत जटिल ‘फ्री फंक्शनिंग मसल ट्रांसफर’ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। इस अत्याधुनिक माइक्रोसर्जरी तकनीक के माध्यम से एक 55 वर्षीय पुरुष मरीज के हाथ की कोहनी की गति को पुनः बहाल किया गया है, जिससे मरीज के जीवन में एक नई आशा का संचार हुआ है।उक्त मरीज गंभीर ‘पैन ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी’ से पीड़ित था। यह ऐसी अवस्था होती है जिसमें दुर्घटना या गहरी चोट के कारण हाथ की सभी प्रमुख नसें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, परिणामस्वरूप पूरा ऊपरी अंग निष्क्रिय हो जाता है। मरीज का हाथ पूरी तरह लकवाग्रस्त हो चुका था और वह दैनिक जीवन के सामान्य कार्यों को करने में भी असमर्थ था।एम्स भोपाल के बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सक टीम ने अत्यधिक सूक्ष्मता और तकनीकी दक्षता के साथ यह जटिल सर्जरी की। इस प्रक्रिया में मरीज के शरीर के दूसरे हिस्से से एक स्वस्थ मांसपेशी (ग्रैसिलिस मसल) को निकालकर उसे क्षतिग्रस्त हाथ में प्रत्यारोपित किया गया। माइक्रोसर्जरी के माध्यम से उस मांसपेशी की रक्त वाहिकाओं एवं नसों को जोड़कर हाथ की कार्यक्षमता को दोबारा सक्रिय किया गया।सर्जरी के सफल होने के बाद मरीज की कोहनी में धीरे-धीरे गति लौटने लगी है, जो भविष्य में हाथ की अन्य गतिविधियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उचित फिजियोथेरेपी और नियमित देखरेख से मरीज आगे चलकर हाथ की और भी कार्यक्षमता प्राप्त कर सकेगा।एम्स भोपाल की इस सफलता ने न केवल संस्थान की चिकित्सा क्षमता को रेखांकित किया है, बल्कि मध्य प्रदेश सहित पूरे मध्य भारत के मरीजों के लिए उन्नत उपचार की नई संभावनाएं भी खोल दी हैं। यह उपलब्धि राज्य में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।